कैसे बनाएं सुख दुःख का संतुलन?

जीवन में हम जितने भी कार्य करते हैं वे सभी सुख की तैयारी के रूप में करते हैं, सुख के स्वागत के लिए करते हैं. हम अपने पूरे जीवन में एक बार भी दुःख के लिए कोई तैयारी नहीं करते जबकि हम ये जानते हैं कि प्रकृति के नियम के अनुसार हमारे जीवन में जितना स्थान सुख का है उतना ही स्थान दुःख का भी है.

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क्यों हर कोई सुंदर दिखना चाहता है?

आज के आधुनिक युग में सुंदरता को निखारने के अत्याधुनिक साधन हर ओर आसानी से उपलब्ध हैं. आपके चेहरे, नाक नक्श, रंग रूप, केश और काया को जैसा चाहें वैसा बना सकते हैं और आप मन चाहे सुंदर दिख सकते हैं.

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आत्मा की शुद्धि का मंत्र है संयम

धैर्य परिणाम

किसी भी धर्म की स्थापना का मकसद उस धर्म के अनुयायी के जीवन में संयम एवं अनुशासन की स्थापना होता है. धर्म मनुष्य को ईश्वर से जोड़ता है और मनुष्य को ईश्वर से जुड़ने के लिए आवश्यक है अपने मन के विकारों को समाप्त कर मन का शुद्धिकरण करना और भावनाओं को स्वच्छ करना.

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संगत का असर या असर की संगत

संगत का असर

बचपन से हम यह कथन सुनते आ रहे हैं कि हमारे ऊपर हमारी संगत का असर होता है, और कथन यह भी है कि किसी भी मनुष्य के स्वभाव का पता उसकी संगत से लगाया जा सकता है.

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क्या क्षमा ही है सबसे बड़ा धर्म?

क्षमा धर्म

सूर्य के तीव्र ताप से पृथ्वी झुलस रही हो और अचानक बारिश की बूंदों से उसका ताप नियंत्रित हो जाए और उसके अंतस को इतना शीतल कर दे कि ताप फिर उसे झुलसा न पाए, उसकी नमी को न सोख पाए. हमारे जीवन में क्षमा यही नमी बरकरार रखती है.

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