दलजीत शौन सिंह उर्फ़ बब्बन मियां

Daljit Sean Singhकिल दिल फिल्म में बब्बन मियां के किरदार में दिखे दलजीत शौन सिंह, जिनकी बंदूक के निशाने पर थे गोविंदा. “भैया जी, और कोई आखिरी ख्वाहिश?” इतना कहा और बब्बन मियां ने ट्रिगर दबा दिया.

खून की एक नदी बहने लगी और फिर अंधेरा छा गया. ये था किल दिल का आखिरी शॉट. 2014 के आखिरी में रिलीज़ हुई आदित्य चोपड़ा की फिल्म किल दिल. शाद अली के निर्देशन में इसके मुख्य कलाकार थे गोविंदा, रणवीर सिंह, अली जाफर और परिणिति चोपड़ा.

किल दिल में खलनायक का रोल निभाया दलजीत शौन सिंह ने और यहीं से उनके फ़िल्मी करियर की शुरुआत हुई.

आप लॉरेंस स्कूल सनावर से निकल कर कंस्ट्रक्शन बिज़नस में गए जो आपकी पुश्तैनी धरोहर थी. फिर आपने खुद अपनी कंपनी इवेंट डेकोर शुरू की. आपकी अचानक बॉलीवुड में एंट्री कैसे हुई?

अभिनय का कीड़ा मुझमें बचपन से था. मैं जब के.जी. क्लास में पढ़ता था, तब से एक्टिंग कर रहा हूँ. मैंने अपने प्रारंभिक स्कूल सेंट कोलंबस में पहला नाटक किया था. उसमें अभिनेता शाहरुख़ खान थे.

किल दिल का ये किरदार बब्बन मियां आपको कैसे मिला?

निर्देशक शाद अली और किल दिल के कास्टिंग डायरेक्टर एक नए चेहरे की तलाश में थे, जो अकेले अपने दम पर रोल निभा ले. उन्होंने मेरा प्रोफाइल फेसबुक पर देखा और मेरे पास उनका फ़ोन आया. बस फिर क्या!

किल दिल फिल्म की टीम के साथ काम करना आपको कैसा लगा?

एक शब्द में कहूं तो – बेहतरीन. एक पाठशाला जैसा था, जहां मैंने बहुत कुछ सीखा. फिल्म के दौरान मैंने जीवन के कुछ बेहतरीन पल गुज़ारे. जो यादें मैं साथ लाया हूँ वो अनमोल हैं.

आपने किल दिल में बैडमैन का चोगा पहना जो गोविंदा के अजूबे विलन किरदार से भी खतरनाक था. कैसा था वह अनुभव?

मैं चंबल की गोद में बड़ा हुआ हूँ और अपने दिल-ओ-दिमाग में ऐसा रोल मैंने कई बार प्ले किया है. अब जब ऐसा करना मेरे हाथ आया तो बड़ी नेचुरल सी फीलिंग हुई.

Daljit Sean Singh with Govindaगोविंदा को आज तक किसी ने भी मारा नहीं है. आप पहले एक्टर हैं जिसने उन पर यूं गोली चलाई. ये अनुभव कैसा था?

मैंने ऐसा किया क्या (हंसते हुए)? फिल्म में यह सीन करते समय अपनी फीलिंग्स और इमोशन का इस्तेमाल किया. सच में तो मुझे गुस्सा आ रहा था क्योंकि मेरी आंख में सूरज सीधा पड़ रहा था जो मुझे बहुत ज्यादा परेशान कर रहा था. फाइनल शॉट के समय तो मुझे हंसी भी आ गई. बंदूक का ट्रिगर दबाते वक़्त मैंने सोचा, “मैं गोविंदा पर गोली चला रहा हूँ. असंभव!”

अब इस रोल के आगे क्या?

सच कहूं तो मुझे कुछ पता नहीं. पर अब सबको पता है कि मैं अभिनय कर रहा हूँ सो मुझे उम्मीद है कि ऑफर भी आने लगेंगे. मैं तहे दिल से शुक्रिया करना चाहूंगा, निर्देशक शाद अली और उनकी पूरी किल दिल की टीम का जिन्होंने मेरा ये सपना पूरा किया. फिल्म के अभिनेता रणवीर सिंह ने कहा था कि पूरी कायनात मिल गई इस फिल्म को बनाने में और मुझे लगता है मेरे साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ. फिलहाल मैं इवेंट डेकोर कंपनी और अंतिम यात्रा की टीम मजबूत कर रहा हूँ. एक कंपनी जहां इवेंट्स डिज़ाइन करती है वहीँ दूसरी अंतिम यात्रा के विभिन्न पहलुओं का ख़ासा ध्यान रखती है.

नोट: गलती देखें तो संपादक को सूचित करने के लिए उसे सेलेक्ट कर Ctrl+Enter दबाएं.