क्या किसी महिला को कपड़ों से जज किया जा सकता है?

महिला के साथ जब हिंसा होती है तो उन्हें ही क्यों जिम्‍मेदार ठहराया जाता है?

बड़े शहरों में तो घटनाएं रिपोर्ट की जा रही हैं. दिल्ली, मुंबई, जोधपुर या फिर कोलकाता में खुलकर चर्चा होने लगी है.

साथ में यह भी देखने को मिल रहा है कि चाहे कैसी ही घटना हो, पीड़ित महिला के पहनावे पर सवाल खड़े किए जाते हैं.

पहनावे और जीने के सलीके पर कमेंट या राय बना लेने वालों के खिलाफ कुछ महिलाओं ने अब रेज़र उठा लिया है.

कुछ नामी चेहरे इंस्टाग्राम सोशल नेटवर्क पर अपनी तस्वीरें रेज़र के साथ शेयर कर रहे हैं.

इन तस्वीरों के साथ #shaveyouropinion (अपनी सोच की हजामत कर लो) हैश टैग दिया जा रहा है.

क्या आप भी किसी महिला को कपड़ों से जज करते हैं?

याद रखिए, जब आप एक महिला को उसके भेष से जज करते हैं तब उससे महिला के बारे में नहीं, आपके बारे में पता चलता है

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