क्यों हर कोई सुंदर दिखना चाहता है?

आज के आधुनिक युग में सुंदरता को निखारने के अत्याधुनिक साधन हर ओर आसानी से उपलब्ध हैं. आपके चेहरे, नाक नक्श, रंग रूप, केश और काया को जैसा चाहें वैसा बना सकते हैं और आप मन चाहे सुंदर दिख सकते हैं.

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बेहतर लिखना चाहते हैं?

creative writing

कुछ भी लिखने से पहले समझें कि शब्द ही आपके एकलौते औज़ार हैं, उन्हें यूं ही ना गवाएं. लेखन कला का महत्व इस बात से समझा जा सकता है कि इसे हर युग में सर्वोच्च स्थान दिया गया है. आधुनिक युग में ई-मेल लिखने को भी ‘कला’ की संज्ञा दी गई है.

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क्या आप यहां वहां थूकते रहते हैं?

spitting

बिना प्रतिबंध के हम मानते ही नहीं, जहां-तहां देखो, पान-गुटखा खाकर गंदगी मचाते फिरते हैं. तो क्या अब धार्मिक स्थलों से उपदेशों द्वारा कहलाना शुरू करना होगा कि थूकने से दरिद्रता आती है? पूरे देश में थूकने पर पाबंदी क्यों नहीं लगती?

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चिन्ह अपने छोड़ जाना, जाग तुझको दूर जाना

महादेवी वर्मा

महादेवी वर्मा को ‘आधुनिक मीरा’ के नाम से भी जाना गया है. उनका जन्म 26 मार्च, 1907 को फर्रुखाबाद (उत्तर प्रदेश) में हुआ था. वह अपने बालपन से, दरअसल सात वर्ष की उम्र से ही कविताओं की रचना करने लगीं और 1925 में  मैट्रिक पास करते करते एक सफल कवयित्री के रूप में खुद को स्थापित कर चुकी थीं.

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