भारत ने निकाला पाकिस्तान का दम

विश्व कप के भारत – पाकिस्तान मैच को महामुकाबले की संज्ञा दी जा रही थी. इसे लेकर इतनी हाइप खड़ी की गई थी. लेकिन अंत में यह मुकाबला फुस्स साबित हुआ.

विश्व कप के जिस मैच को महामुकाबले की संज्ञा दी जा रही थी और जिसको लेकर इतनी हाइप खड़ी की गई थी वह अंत में फुस्स साबित हुआ. भारत ने एकतरफा अंदाज में पाकिस्तान को रौंद दिया और उसके खिलाफ विश्व कप के इतिहास में लगातार सातवीं जीत दर्ज की. भारत की इस शानदार जीत ने उसे विश्व कप का प्रबल दावेदार बना दिया है.

भारत ने एकतरफा अंदाज में पाकिस्तान को रौंद दिया और उसके खिलाफ विश्व कप के इतिहास में लगातार सातवीं जीत दर्ज की. भारत की इस शानदार जीत ने उसे विश्व कप का प्रबल दावेदार बना दिया है.

इंग्लैंड में खेले जा रहे 12वें आईसीसी विश्व कप क्रिकेट टूर्नामेंट में 16 जून को मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रेफर्ड मैदान में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए मैच को भारत ने बड़ी आसानी से 89 रन से जीत लिया.

भारत ने अब तक अपने चार मैचों में दक्षिण अफ्रीका, गत चैंपियन ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान को हराया है जबकि न्यूजीलैंड के साथ उसका मुकाबला बारिश के कारण रद्द रहा था.

भारत के चार बड़ी टीमों के साथ मैच हो चुके हैं और शेष पांच मैचों में उसे अफगानिस्तान, मेजबान इंग्लैंड, बंगलादेश, श्रीलंका और वेस्ट इंडीज से खेलना है.

इन पांच मैचों में भारत के लिए इंग्लैंड के खिलाफ मुकाबला ही मुश्किल है, जिसे देखते हुए माना जा सकता है कि भारतीय टीम सेमीफाइनल में स्थान बना लेगी.

टॉस से क्या फर्क पड़ा

पाकिस्तान के खिलाफ मैच को देखा जाए तो भारतीय टीम हर लिहाज से सर्वश्रेष्ठ साबित हुई.

पाकिस्तान के कप्तान सरफराज अहमद का टॉस जीत कर पहले क्षेत्ररक्षण कारण का फैसला सिरे से गलत साबित हुआ.

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और पूर्व क्रिकेट कप्तान इमरान खान टीम को लगातार सलाह दे रहे थे कि टॉस जीतो तो पहले बल्लेबाजी करो.

लेकिन सरफराज भूल गए कि दो साल पहले इंग्लैंड में चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में उन्होंने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी चुनी थी और 300 से ज्यादा का स्कोर बनाकर भारत को हराया था.

शायद उन्हें अपने तेज गेंदबाजों पर ज्यादा भरोसा था कि वे टीम को शुरूआती सफलता दिलाएंगे. लेकिन जब किसी टीम का क्षेत्ररक्षण खराब हो तो वह जीत की उम्मीद नहीं कर सकती.

कितनी तैयार थी पाकिस्तानी टीम

पाकिस्तानी फील्डरों ने भारतीय ओपनरों रोहित शर्मा और लोकेश राहुल को रन आउट करने के आसान मौके गंवाए और यही उनकी हार का कारण बना.

यह सभी जानते हैं कि रोहित जब एक बार 40-50 का स्कोर पार कर जाते हैं तो उन्हें रोकना मुश्किल हो जाता है.

रोहित ने 140 रन ठोक डाले और पाकिस्तान की गेंदबाजी का दम निकाल दिया. राहुल और कप्तान विराट कोहली के अर्धशतकों ने पाकिस्तान की कमर तोड़ डाली.

हालांकि मोहम्मद आमिर ने एक बार फिर अच्छी गेंदबाजी की लेकिन उन्हें बाकी गेंदबाजों से कोई सहयोग नहीं मिला.

इस मैच का एक दृश्य इस बात की गवाही देता है कि पाकिस्तान की टीम अपनी बल्लेबाजी के लिए उतरने से पहले ही हथियार डाल चुकी थी.

भारतीय पारी के आखिरी ओवरों में बारिश से खेल रुका था और जब खेल शुरू हुआ तो पाकिस्तान की टीम फील्डिंग करने पहुंची.

उस समय विकेट के पीछे पाकिस्तान के कप्तान सरफराज लंबी जम्हाई लेते हुए कैमरों पर दिखाई दिए जबकि एक कप्तान को एक ब्रेक के बाद ज्यादा मुस्तैद दिखाई देना चाहिए था.

सरफराज की इस हरकत का सोशल मीडिया पर काफी मजाक भी बना. सरफराज की बल्लेबाजी भी उनकी जम्हाई जैसी ही थी और उन्होंने 30 गेंदों में मात्र 12 रन बनाए थे.

कप्तान की ऐसी भाव भंगिमा किसी टीम को जीत की उम्मीद नहीं दे सकती.

आज तक वर्ल्ड कप में पाकिस्तान भारत से एक मैच भी नहीं जीत सका. 1992 में भी नहीं जब पाकिस्तान कप जीत कर घर ले आया था.

भारत का कितना चांस है

भारतीय टीम लगातार अच्छा खेल रही है और उसे अपनी लय को आगे बरकरार रखना होगा और इसमें कोई ढिलाई नहीं दिखानी होगी.

भारत ने 2017 में चैंपियंस ट्रॉफी में अपने सारे मैच जीते थे लेकिन फाइनल में उसे पाकिस्तान से हार का सामना करना पड़ा था.

2015 के विश्व कप में भारतीय टीम अपने सभी मैच जीतते हुए सेमीफाइनल तक पहुंची लेकिन सेमीफाइनल में उसे ऑस्ट्रेलिया से हार का सामना करना पड़ा.

2016 के ट्वंटी-2 विश्व कप में भी भारतीय टीम अपने सभी मैच जीतते हुए सेमीफाइनल में पहुंची जहां उसे वेस्ट इंडीज से हार का सामना करना पड़ा.

पाकिस्तान के खिलाफ भारत की 89 रन की जीत को एक बड़ी जीत माना जा रहा है लेकिन खिताब का सफर अभी लंबा है और भारतीय टीम को यह गौर करना है कि 2015, 2016 और 2017 की गलती नहीं दोहराई जाए.

भारत बोल रहा है