काम के बीच में झपकी लेते रहें

झपकी लेना उतना ही जरुरी है जितना की सांस लेना. हार्ट के साउंड हेल्थ के लिए साउंड स्लीप के अलावा दिन की झपकी भी बहुत जरुरी है. झपकी हार्ट के लिए काफी सेहतमंद होती है. अगर आप दिन में झपकी नहीं ले रहे हैं या रात में नींद सही से नहीं आ रही है तो आपको हार्ट प्रॉबल्म का रिस्क हो सकता है. काम करते हुए थकान लगे तो इसका मतलब है कि शरीर आराम चाहता है. दिन के समय छोटी सी झपकी के कई फायदे हैं. जरुरी नहीं है कि 40 साल के बाद ही आपको हार्ट की परेशानी हो. यंग एज में भी हार्ट की बीमारी हो सकती है. आइए जानते हैं झपकी के फायदे.

शरीर में होता है ऊर्जा का संचार

झपकी लेने के बाद दिल की धड़कन पांच फीसदी धीमी हो जाती है और ध्यान केंद्रित करने की क्षमता 30 फीसदी बढ़ जाती है.

Napping in office चौकन्ना करती है दिन की नींद

अगर हम चौकन्ना रहते हैं तो काम में गलती होने की संभावना भी कम होती है. दिन में थोड़ी देर नींद लेने से चौकन्ना रहने में मदद मिलती है.

तीव्र संवेदनाएं

झपकी लेने के बाद आवाजें बेहतर सुनाई देती हैं और रंग बेहतर दिखाई देते हैं. सुनने की क्षमता में भी तीन डेसीबेल बढ़ोतरी होती है.

वजन पर काबू

शरीर को ज्यादा नींद मिले तो वजन कम करना आसान हो जाता है. शरीर में मेटाबॉलिज्म को संतुलित रखने के लिए शरीर को जरूरी आराम मिल जाता है.

सकारात्मक सोच का संचार

रिसर्चरों ने कुछ लोगों के समूह को सवाल जवाब के एक सत्र के लिए बुलाया. वे जो पहले झपकी ले चुके थे उनके जवाब अन्य के मुकाबले ज्यादा सकारात्मक पाए गए.

कम सोने से हार्ट की आर्टरी हो जाती मोटी

रात में पांच घंटे से कम सोने से हार्ट की आर्टरी में कैल्शियम की मोटी परत बनने लगती है और कोरोनरी आर्टरी कड़ी हो जाती है. कोरोनरी आर्टरी के जरिये ही हार्ट में ब्लड जाता है. कोरोनरी आर्टरी कड़ी होने से हार्ट में ब्लड का सर्कुलेशन धीमा हो जाता है और नतीजा हार्ट अटैक की संभावना बढ़ जाती है.

वियतनाम की एक कंपनी अपने कर्मचारियों को देती है झपकी ब्रेक

वियतनाम में काम कर रही एक भारतीय व्यापारी की कंपनी अपने कर्मचारी को दोपहर में लंच के बाद झपकी के लिए 10  मिनट का ब्रेक देती है. लंच ब्रेक के ठीक बाद ऑफिस के सारे लाइट्स  बंद कर दिए जाते हैं और फिर 10 मिनट के बाद धीरे-धीरे ऑफिस के सारे लाइट्स ऑन किए जाते हैं.

भारत बोल रहा है