क्या भावनाओं से जुड़ी हैं हमारी पोशाकें?

हम जब परेशान हो रहे होते हैं और जब खुश होते हैं, तब हमारे पोशाक अलग-अलग होते हैं. आजकल लोग ऑनलाइन खरीददारी करते हैं, तब भी उनकी पसंद-नापसंद भावनाओं से जुड़ी होती हैं. इस तथ्य को भली भांति समझते हुए फैशन डिज़ाइनर अपने प्रोडक्ट लांच करते हैं. फैशन वेबसाइट के इंजिनियर और फैशन स्टोर मेनेजर भी इस बात का ध्यान रखते हैं. सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर सेलेब्रिटी के पहनावे को देखकर भी लोगों के मूड स्विंग होते हैं.

हॉलीवुड एक्टर सोफिया लोरेन के अनुसार एक दिन की सफलता या विफलता हमारे पहनावे को प्रभावित करती हैं. हम अपने बाल भी फिर उसी मूड के अनुसार स्टाइल करते हैं. जबकि होना ये चाहिए कि कपड़े हमेशा अवसर के अनुसार पहने जाएं. अगर आपका मूड खराब है तो दूसरों का मूड हम क्यों खराब करें? सकारात्मक सोच से ही सफलता हाथ आती है, अतः हमें अपने पहनावे पर मूड को भारी नहीं होने देना चाहिए.

आकर्षक दिखने से ही फैशन का जादू काम करता है. तैयार होते समय आप संगीत का आनंद ले सकते हैं. कई लोगों को यह ख्याल परेशान करता है कि खास अवसर पर कौन सा ज़ेवर पहनें. उस समय भी संगीत बहुत हद तक आपकी परेशानी हल कर सकता है. आपने फैशन शो के बारे में तो सुना ही होगा. सभी फैशन शो में डिजाइनर परिधानों में अपनी रचनात्मकता का परिचय देते हुए ऐसे संगीत का इस्तेमाल करते हैं जिससे समां बंध जाती है.

कहते हैं न कि रंगों और पहनावे से भी मूड ठीक हो जाता है. तो फिर, खराब मूड को अपनी पसंद पर हावी ना होने दें और मन पसंद रंगों को पहनें. सचमुच, भावनाओं से जुड़ी हैं हमारी पोशाकें.

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