लोकप्रिय हैं शायर रूमी

हाल के सालों में फ़ारसी के मशहूर शायर और सूफ़ी दिग्गज जलालुद्दीन मोहम्मद रूमी की लोकप्रियता दुनियाभर में बढ़ी है. रूमी का जन्म 1207 में ताजिकिस्तान के एक गांव में हुआ था. रूमी एक ऐसे सूफी संत थे जिन्हें दुनिया ने पागल समझा. आइए शिक्षक से सन्यासी बनने के रूमी के सफर में हम भी साथ हो लेते हैं और चखते हैं प्रेम का एक नया स्वाद.

दुनिया भर में उनके करोड़ों प्रशंसकों हैं. रूमी की जीवनी लिखने वाले ब्रैड गूच कहते हैं, “रूमी का सभी संस्कृतियों पर असर दिखता है.” गूच ने रूमी की जीवनी पर काम करने के लिए उन तमाम मुल्कों की यात्रा की है, जो किसी ना किसी रूप में रूमी से जुड़े रहे.

रूमी ने शायरी, संगीत और नृत्य को धार्मिक परंपराओं से जोड़ने का काम किया. गूच कहते हैं, “रूमी जब अध्यात्म में डूबे होते थे या फिर शायरी बोल रहे होते, तो झूमते रहते थे.”

दुनिया भर में रूमी को लेकर एक आंदोलन जैसा चल रहा है, जो सभी धर्मों में दिख रहा है. हर तरफ रूमी की किताबें, उनका संगीत और तमाम दूसरी चीजें देखी जा सकती हैं.

भारत बोल रहा है