मिलिए युवा डिजाइनर से जो बदल रही हैं कपड़ों का अंदाज़

भारतीय फैशन जगत में हर दिन नए प्रयोग हो रहे हैं, लेकिन लीक से हटकर अपना मुकाम वही बना पाते हैं जिनके पास एक स्पष्ट विजन और अपनी कला के प्रति ईमानदारी होती है. भारत बोलेगा की विशेष उद्यमी श्रृंखला में आज हमारे साथ बात करने के लिए मौजूद हैं फैशन डिजाइनर और YOGYA ब्रांड की फाउंडर योग्या मेहरोत्रा.

बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (BBA) की बैकग्राउंड और फैशन डिजाइनिंग में पोस्ट ग्रेजुएशन करने वाली योग्या ने बड़े अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स के लिए कपड़े बनाने वाले एक्सपोर्ट हाउसेस में ढाई साल तक काम करके गारमेंट कंस्ट्रक्शन की बारीकियों को सीखा है. लक्मे फैशन वीक जैसे बड़े मंचों का बैकस्टेज अनुभव रखने वाली योग्या से ब्रांड, विजन और फैशन पर हुई बातचीत के कुछ मुख्य अंश:

सवाल: एक कॉर्पोरेट जॉब या किसी बड़ी कंपनी के लिए डिजाइनिंग करने के बजाय आपने इतनी कम उम्र में एंटरप्रेन्योरशिप का रास्ता क्यों चुना?

योग्या मेहरोत्रा: सच कहूं तो, जब मैं अपने कॉलेज के कैंपस प्लेसमेंट की प्रक्रिया में थी, तभी मुझे यह अहसास हो गया था कि मैं किसी और के बिजनेस को बड़ा करने के बजाय अपनी खुद की रचनात्मकता और पहचान बनाना चाहती हूं. मैंने ग्रेजुएशन के बाद एक बड़ा रिस्क लिया और फैशन की दुनिया में कदम रखा, क्योंकि मुझे ‘क्रिएट’ करना पसंद है.

"फैशन में सारी मेहनत डिजाइनर को अपनी टेबल पर करनी चाहिए, कपड़े पहनने वाले को सुबह तैयार होते समय कोई झंझट नहीं होना चाहिए।" — योग्या मेहरोत्रा (Founding Designer, YOGYA)
हमारा नाम ही हमारा संकल्प है! मिलिए YOGYA ब्रांड की फाउंडर योग्या मेहरोत्रा से, जो बदल रही हैं भारतीय फैशन का अंदाज़.

सवाल: आपने अपने ब्रांड का नाम YOGYA अपने ही नाम पर रखा है, इसके पीछे क्या विचार था?

योग्या: (मुस्कुराते हुए) इसके पीछे एक गहरी सोच है. मैं चाहती हूं कि मेरे कस्टमर्स को यह पता हो कि वे किसी बिना चेहरे वाली बड़ी कॉर्पोरेट कंपनी से नहीं जुड़ रहे हैं, बल्कि एक ऐसी वास्तविक जीती-जागती इंसान से जुड़ रहे हैं जो उनके कपड़ों के एक-एक टांके की परवाह करती है. साथ ही, ‘योग्य’ का हिंदी अर्थ ‘काबिल’ या ‘deserving’ होता है. जब कोई लड़की या महिला हमारे कपड़े पहने, तो उसे अपनी योग्यता (Worth) का अहसास होना चाहिए. यही हमारा लक्ष्य है.

क्या फैशन का मतलब सिर्फ खुद को असहज कपड़ों में बांधना है? अब जमाना बदल चुका है! आ गया है नया दौर, जहां स्टाइल और कंफर्ट दोनों एक साथ चलेंगे.

सवाल: वीमेंस फैशन में आपका डिजाइनिंग फिलॉसफी क्या है? आप अक्सर कहती हैं कि आप पहनावे को ‘राइट’ (Right) बनाना चाहती हैं?

योग्या: बिल्कुल! फैशन को ‘राइट’ बनाने का मतलब है कि कपड़े पहनते समय महिला को कोई तनाव या मशक्कत न करनी पड़े. सारा मुश्किल काम और मेहनत मैं अपनी डिजाइनिंग टेबल पर गारमेंट तैयार करने के दौरान करती हूं, ताकि जब कोई उसे पहने, तो वह पूरी तरह सहज और लक्ज़ूरियस महसूस करे. हमारे इज़ी ब्रीज़ी कलेक्शन (Easy Breezy Collection) और रूप इन रिदम (Roop in Rhythm) में आपको यही फिलॉसफी देखने को मिलेगी.

असली फैशन वह है जो सिर्फ स्क्रीन पर अच्छा न दिखे, बल्कि पहनने पर सच्चा और भरोसेमंद अनुभव दे. यदि आप भी किसी ऐसे ब्रांड की तलाश में हैं जो आपके स्टाइल को समझे और आपके कंफर्ट का ख्याल रखे, तो हमारी वेबसाइट shopyogya.com पर जरूर क्लिक करें और हमारे नए कलेक्शंस का अनुभव करें!

सवाल: आपके ब्रांड की साइज रेंज (XS से 10XL) अद्भुत है. इस समावेशन (Inclusivity) के पीछे क्या सोच थी?

योग्या: मैं मास-प्रोडक्शन या बड़े पैमाने पर कपड़े बनाकर डंप करने में विश्वास नहीं रखती. हम बहुत कम और चुनिंदा क्वांटिटीज में डील करते हैं ताकि क्वालिटी से कोई समझौता न हो. हर लड़की या महिला का शरीर सुंदर है और उसे अपने साइज के कारण फैशन से दूर नहीं होना चाहिए. इसलिए हम बिना किसी भेदभाव के XS से लेकर 9XL और 10XL तक की साइजिंग और साथ में कस्टम फिटिंग की सुविधा देते हैं.

फैशन ऐसा, जो आपको खुद में ढलने दे!

सवाल: अगले 5 वर्षों में आप YOGYA को कहां देखती हैं?

योग्या: अगले 5 सालों में, मैं YOGYA को एक ऐसे स्थापित ब्रांड के रूप में देखना चाहती हूं जो हर बॉडी-साइज के लिए बेहतरीन कंफर्ट का पर्याय बने. साथ ही, हम कपड़ों से आगे बढ़कर फुटवियर और एक्सेसरीज में भी विस्तार करेंगे ताकि महिलाओं को एक कंप्लीट, हेड-टू-टो (सिर से पैर तक) लुक दिया जा सके. मेरा सपना है कि हमारे इस ऑनलाइन स्टोर को आगे चलकर एक खूबसूरत फिजिकल स्टूडियो का रूप दिया जाए.


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