जब ‘ला ला लैंड’ ने रचा सपनों और संगीत का इतिहास

सिनेमा का असली जादू वही है जो आपको कुछ घंटों के लिए एक अलग ही दुनिया में ले जाए जहां रंग हों, बहता हुआ संगीत हो, और टूटते-जुड़ते ख्वाब हों. हॉलीवुड की चर्चित संगीतमय फिल्म ‘ला ला लैंड’ (La La Land) ने कुछ ऐसा ही जादू पूरी दुनिया पर चलाया था. अमेरिकी फिल्म और टेलीविजन जगत के सबसे प्रतिष्ठित सम्मानों में से एक ‘गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड्स’ के मंच पर इस फिल्म का तब ऐसा एकतरफा दबदबा रहा कि हर तरफ बस इसी की गूंज सुनाई दी.

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वर्ष 2016 में रिलीज़ हुई इस ब्लॉकबस्टर फिल्म ने 74वें गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड्स में उस दौर की ‘डेडपूल’ (Deadpool), ‘फ्लोरेंस फोस्टर जेनकिंस’ (Florence Foster Jenkins) और ’20थ सेंचुरी विमेन’ (20th Century Women) जैसी बड़ी व बहुचर्चित फिल्मों को कड़ी टक्कर देते हुए यह ऐतिहासिक जीत हासिल की थी.

फिल्म ने अलग-अलग श्रेणियों में कुल 7 गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड्स अपने नाम करके एक नया इतिहास रच दिया था. इसके साथ ही ‘ला ला लैंड’ गोल्डन ग्लोब्स के 74 सालों के इतिहास में एक ही रात में सबसे ज्यादा अवॉर्ड्स जीतने वाली रिकॉर्ड-ब्रेकिंग फिल्म बन गई थी.

रायन गोस्लिंग और एमा स्टोन की जादुई केमिस्ट्री

‘मोशन पिक्चर – म्यूजिकल या कॉमेडी’ श्रेणी में ‘ला ला लैंड’ ने पूरी तरह बाजी मारी:

सर्वश्रेष्ठ अभिनेता: रायन गोस्लिंग को उनके सहज और दिल छू लेने वाले अभिनय के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के पुरस्कार से नवाजा गया.

सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री: एमा स्टोन को उनके शानदार प्रदर्शन और भावनाओं के जीवंत रूपांतरण के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का अवॉर्ड मिला.

इतना ही नहीं, इसी कैटेगरी में फिल्म ने ‘बेस्ट मोशन पिक्चर’ का सबसे मुख्य खिताब भी अपने नाम किया था.

निर्देशन और संगीत का अद्भुत संगम

फिल्म की सफलता का श्रेय सिर्फ इसके कलाकारों को ही नहीं, बल्कि इसके युवा निर्देशक डेमियन शेजेल (Damien Chazelle) और संगीतकार जस्टिन हर्विट्ज़ को भी जाता है. फिल्म के गीतों, बैकग्राउंड स्कोर और निर्देशन ने अवॉर्ड नाइट में हर बड़ी श्रेणी को अपनी झोली में डाल लिया था.

‘ला ला लैंड’ यह साबित करती है कि अगर कहानी में सच्चाई और संगीत में आत्मा हो, तो वह सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर ही नहीं, बल्कि दुनिया के सबसे बड़े पुरस्कार मंचों पर भी अपना परचम लहरा सकती है.

सपनों के शहर की कड़वी और खूबसूरत हकीकत

यह फिल्म लॉस एंजिल्स (जिसे प्यार से ‘ला ला लैंड’ कहा जाता है) की पृष्ठभूमि में रची गई है. कहानी है ‘मिया’ (एमा स्टोन) की, जो एक मशहूर अभिनेत्री बनने के सपने देखती है और कॉफी शॉप पर काम करते हुए ऑडिशन देती फिरती है; और दूसरी तरफ है ‘सेबेस्टियन’ (रायन गोस्लिंग), जो एक समर्पित जैज़ संगीतकार (Jazz Musician) है और अपने शुद्ध संगीत को बचाए रखने के लिए संघर्ष कर रहा है.

जब ये दो महत्वाकांक्षी लोग आपस में मिलते हैं, तो उनके बीच प्यार पनपता है. लेकिन जैसे-जैसे दोनों अपने-अपने सपनों के करीब पहुंचने लगते हैं, उनका रिश्ता एक मोड़ पर आ खड़ा होता है. फिल्म बेहद खूबसूरती से यह सवाल उठाती है कि “क्या अपने सपनों को पाने की कीमत अपने सबसे प्यारे इंसान को खोकर चुकानी पड़ती है?”

क्लासिक हॉलीवुड और आधुनिक सिनेमा का परफेक्ट संगम

‘ला ला लैंड’ आपको 1950 और 60 के दशक के उस स्वर्णिम क्लासिक हॉलीवुड की याद दिलाती है, जहां ‘सिंगिन इन द रेन’ जैसी फिल्में दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देती थीं. निर्देशक डेमियन शेजेल ने आधुनिक समय की उलझनों को पुराने ज़माने की रंगीन दृश्य शैली (Technicolor Aesthetic) के साथ पिरोया है.

फिल्म के शुरुआती दृश्य से ही जहां लॉस एंजिल्स के भीषण ट्रैफिक जाम के बीच कार की छतों पर लोग अचानक नाचने-गाने लगते हैं, दर्शक खुद को इस जादुई दुनिया का हिस्सा महसूस करने लगते हैं.

संगीत जो आत्मा को छू जाए: City of Stars

फिल्म का संगीत इसका सबसे बड़ा प्राण है. संगीतकार जस्टिन हर्विट्ज़ का बैकग्राउंड स्कोर और गीत सिर्फ पृष्ठभूमि में नहीं बजते, बल्कि वे किरदारों की अनकही भावनाओं को आवाज़ देते हैं. ‘सिटी ऑफ स्टार्स’ (City of Stars) और ‘ऑडिशन (द फूल्स हू ड्रीम)’ जैसे गाने केवल धुनें नहीं हैं, बल्कि वे उन सभी लोगों के दिल की पुकार हैं जो अपनी आंखों में बड़े सपने लेकर किसी बड़े शहर में कदम रखते हैं. यह संगीत फिल्म खत्म होने के लंबे समय बाद भी आपके ज़हन में गूंजता रहता है.

क्यों हर किसी को एक बार ज़रूर देखनी चाहिए यह फिल्म?

आज के दौर में जब ज्यादातर फिल्में क्राइम, एक्शन या थ्रिलर के इर्द-गिर्द घूमती हैं, ‘ला ला लैंड’ आपके दिल को एक अद्भुत सुकून और ताज़गी देती है. यह फिल्म हमें सिखाती है कि सपने देखना कभी बंद नहीं करना चाहिए, चाहे रास्ते में कितनी भी असफलताएं क्यों न आएं. यह जीवन की उस कड़वी-मीठी हकीकत का जश्न मनाती है जहां हर प्रेम कहानी का अंत पारंपरिक तरीके से ‘हैप्पी एंडिंग’ न होकर भी अपने आप में पूर्ण और सुंदर हो सकता है. यदि आप सिनेमा से सच्चा प्यार करते हैं, तो ‘ला ला लैंड’ आपके लिए एक अनिवार्य अनुभव (Must-Watch) है.