अहमदाबाद में 27 सितंबर को ‘उकेल फाउंडेशन’ का शुभारंभ

किसी भी सशक्त और न्यायप्रिय समाज की नींव इस बात पर टिकी होती है कि उसके नागरिकों को अपने अधिकारों और कानूनों की कितनी समझ है.

जब कानून केवल अदालतों और मोटी फाइलों तक सीमित न रहकर आम आदमी की चौपाल तक पहुंचता है, तभी सच्चे अर्थों में न्याय की स्थापना होती है.

इसी सोच और संकल्प के साथ अहमदाबाद में 27 सितंबर 2026 को ‘उकेल फाउंडेशन’ नामक एक नई और दूरदर्शी कानूनी जागरूकता पहल का औपचारिक शुभारंभ होने जा रहा है.

यह भव्य कार्यक्रम AUDA ऑडिटोरियम, शीला में सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित किया जाएगा, जिसमें करीब एक हजार अतिथियों के शामिल होने की उम्मीद है. इनमें गुजरात के प्रमुख अधिवक्ता, शिक्षाविद, प्रशासनिक अधिकारी, सामाजिक नेता और एनजीओ समुदाय के प्रतिनिधि शामिल होंगे.

गुजराती शब्द ‘उकेल’ यानी ‘समाधान’ का विजन

सेक्शन 8 (नॉन-प्रॉफिट) कंपनी के रूप में पंजीकृत उकेल फाउंडेशन का नाम गुजराती शब्द ‘उकेल’ से लिया गया है, जिसका अर्थ है ‘समाधान’. संस्था का मुख्य उद्देश्य कानून और समाज के बीच की गहरी दूरी को पाटना है. जागरूकता अभियानों, मध्यस्थता सहायता और सामुदायिक जुड़ाव कार्यक्रमों के माध्यम से अहमदाबाद और गांधीनगर से शुरुआत करते हुए इसे पूरे गुजरात में विस्तार देने की योजना है.

इस फाउंडेशन के पीछे एडवोकेट प्रतीक आर. पटेल की दूरदर्शी सोच है. प्रतीक न्याय नियम चैंबर्स के प्रमुख अधिवक्ता हैं और गुजरात हाईकोर्ट, जिला अदालतों तथा राजस्व अदालतों में प्रैक्टिस करते हैं. उन्होंने मध्यस्थता (Mediation) के माध्यम से 150 से अधिक पारिवारिक और संपत्ति संबंधी जटिल विवादों को सुलझाया है, साथ ही 200 से अधिक भूमि मालिकों को भूमि अधिग्रहण मामलों में सफल मार्गदर्शन दिया है.

“उकेल फाउंडेशन की शुरुआत एक सरल विश्वास से हुई है कि कानून उन लोगों के लिए दूर या कठिन नहीं लगना चाहिए, जिनके लिए यह बनाया गया है,” शुभारंभ से पहले संस्था के संस्थापक एडवोकेट प्रतीक आर. पटेल ने भारत बोलेगा से कहा.

‘उकेल भाई’ का अनावरण और प्रमुख कार्यक्षेत्र

27 सितंबर के इस विशेष कार्यक्रम में फाउंडेशन के औपचारिक शुभारंभ के अलावा दो और महत्वपूर्ण पड़ाव देखने को मिलेंगे:

  1. फाउंडेशन के शुभंकर (Mascot) ‘उकेल भाई’ का अनावरण.
  2. संस्थापक बोर्ड (Founder Board) की घोषणा, जिसमें कानूनी, प्रशासनिक और सामाजिक क्षेत्र की जानी-मानी हस्तियां शामिल होंगी.

उकेल फाउंडेशन का मॉडल केवल भाषणों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह जमीन पर उतरकर बदलाव लाएगा. फाउंडेशन के प्रमुख कार्यक्षेत्रों में शामिल हैं:

  • मुकदमा-मुक्त गांव (Litigation-Free Villages): गोद लिए गए गांवों में सामुदायिक स्तर पर आपसी सहमति से विवाद सुलझाना ताकि ग्रामीण अदालतों के चक्कर लगाने से बच सकें.
  • स्थानीय भाषा में कानूनी साक्षरता: क्षेत्रीय भाषाओं में कॉमिक बुक्स, कहानियों और वर्कशॉप्स के माध्यम से बच्चों और वयस्कों को सरल भाषा में कानून समझाना.
  • अदालतों पर बोझ कम करना: पूर्व-मुकदमेबाजी (Pre-litigation) मध्यस्थता और काउंसिलिंग के जरिए मामलों को कोर्ट पहुंचने से पहले ही सुलझाना.

आमंत्रण-आधारित गरिमामयी समारोह

यह शुभारंभ कार्यक्रम पूरी तरह निमंत्रण-आधारित है, जिसके लिए गुजरात सरकार के गणमान्य व्यक्तियों, कानूनी बिरादरी के वरिष्ठ सदस्यों और राज्यभर के प्रमुख सामाजिक संगठनों को औपचारिक निमंत्रण भेजा गया है. लेकिन, अगर आप चाहें तो इस शुभारंभ का साक्षी बनने के लिए उकेल फाउंडेशन की वेबसाइट पर रजिस्टर कर सकते हैं.

जब कानून का डर नहीं, बल्कि कानून का ज्ञान और सहयोग हर नागरिक तक पहुंचेगा, तब समाज में एक नए युग की शुरुआत होगी, और इसी विश्वास के साथ भारत बोलेगा!